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कलेक्टर की चौपाल में गर्मी की फसल नहीं लेने ली गई शपथ पानी की किल्लत को दूर करने ग्रामीण आए आगे आने वाली पीढ़ी को लेकर भी दिया संदेश पढ़िए खास खबर


गोल्डी खान धमतरी/गर्मी के मौसम में पानी की समस्या हावी हो जाती है हालांकि धमतरी जिले को बांधो का जिला भी कहा जाता है मगर यहां पानी का दोहन भी बराबर होता है जिसकी वजह ही जलसंकट के रूप में उभर कर सामने आती है जो कि आने वाली पीढ़ी के लिए भी उचित नहीं है और न ही मौजूदा हालात के लिए ज्ञात हो कि कुछ दिनों पहले जिले का ग्राम कसावाही पानी की किल्लत को लेकर चर्चा में आया था चूंकि यह गांव गंगरेल बांध से कुछ किलोमीटर नजदीक ही बसा हुआ है तो इस चर्चा को भी बल मिला था कि बांध के नजदीक रहने वाले लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है जिसकी वजह से वह लोग नहर के पानी का इस्तेमाल कर रहे है जब यह बात कलेक्टर के संज्ञान में आई तो शनिवार को कलेक्टर अविनाश मिश्रा खुद ही गांव पहुंच गए और गांव में चौपाल लगाकर लोगों से रूबरू होकर उनकी समस्या सुनी साथ ही गर्मी की फसल को लेकर भी ग्रामीणों से चर्चा की तब यह बात भी सामने आई कि ग्रामीण गर्मी के सीजन में भी धान की फसल ले रहे है मतलब धान की खेती कर रहे है चूंकि गांव में पानी की किल्लत है और धान की खेती की जायेगी तो वाजिब है कि गांव में जलसंकट की स्थिति भी निर्मित होगी लिहाजा ग्रामीणों से चर्चा कर कलेक्टर श्री मिश्रा ने उन्हें गर्मी में धान की फसल नहीं लेने की बात कही जिसके पश्चात उन्हें शपथ भी दिलाई गई ग्रामीणों ने इस दौरान एक स्वर में कहा कि वह लोग गर्मी में धान की फसल नहीं लेंगे और गांव को जलसंकट की स्थिति से उबारते हुए पानी को संरक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे

आपको बता दे कि इस दौरान ग्रामीणों की पेयजल आपूर्ति के लिए प्रशासन के द्वारा गांव में बोर खनन भी कराया जा रहा है हालांकि यह तो अस्थायी समाधान है उन्होंने  दीर्घकालिक एवं स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पाइपलाइन विस्तार एवं अन्य आवश्यक कार्यों की कार्ययोजना तैयार करने की भी बात ग्रामीणों से कही है और उन्हें भरोसा दिलाया है कि आने वाले समय में पेयजल समस्या का स्थायी निराकरण किया जायेगा  ग्रामीणों से चर्चा करते हुए उन्होंने जल संरक्षण और भू-जल स्तर बनाए रखने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया साथ ही किसानों से अपील की गई कि आगामी वर्ष से ग्रीष्म ऋतु में धान की फसल लेने से बचें, क्योंकि अत्यधिक जल दोहन के कारण भू-जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिससे गांवों में पेयजल संकट उत्पन्न हो रहा है जल बचाना आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करना है।

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