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बच्चों की छत को लेकर बवाल कमजोर आंगनबाड़ी बनाने की तैयारी से निगम में हंगामा पढ़िए जरूरी खबर

गोल्डी खान धमतरी / छोटे छोटे नन्हे  बच्चों के लिए यह उनके जीवन का पहला मौका होता है जब वह लोग अपने घर परिवार के लोगो से कुछ घंटे के लिए दूर होकर आंगनबाड़ी में पहुंचते है हालांकि यहां भी उनकी घर जैसी देखभाल होती है साथ ही उन्हें यहां कुछ सिखाया पढ़ाया भी जाता है कि वह आगे स्कूल जाने योग्य बने खासबात यही वजह है कि शासन प्रशासन आंगनबाडियों को अपनी नजर में रखती है और वहां आने वाले छोटे नन्हे बच्चों को कोई भी किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो इसका पूरा ख्याल रखती रखाती है उसके बाद भी माता पिता का ध्यान आंगनबाडियों में ही लगा रहता है जब तक उनके बच्चे घर तक नहीं आ जाते मगर धमतरी में इसी आंगनबाड़ी से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जो कि कमजोर आंगनबाड़ी के आरोपों से घिरा हुआ है बल्कि वहां घटिया तरीके से आंगनबाड़ी बनाने के आरोप भी लगाए जा रहे है चूंकि अभी आंगनबाड़ी बनी नहीं है तो इस मामले में ज्यादा कुछ कह पाना उचित भी नहीं है मगर जैसे कि इस मामले में आरोप सामने आ रहे है और विरोध के स्वर सुनाई दे रहे है इससे यह बात जरूर कही जा रही कि मामले पर जिला कलेक्टर और इससे जुड़े जिम्मेदारों को जरूर ध्यान देना चाहिए क्योंकि यह मामला छोटे छोटे नन्हे बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ मामला है वैसे बता दे कि आज मंगलवार को इस मामले को लेकर लालबगीचा वार्ड के लोगो के साथ कांग्रेस के पार्षदों ने भी  निगम में काफी हंगामा मचाया है और आंगनबाड़ी में  घटिया निर्माण हो रहा है ऐसे आरोप भी लगाए है हालांकि इस तरह की शिकायतें उस वार्ड से पूर्व से ही सामने आ रही है जिस पर शायद जिम्मेदारो के द्वारा संज्ञान नहीं लिया गया तो शायद आज इस मामले को लेकर  निगम में यह बवाल की स्थिति बनी है

दूसरी ओर आपको बता दे कि जिले में BALA यानी के बिल्डिंग एस लर्निंग एड के कॉन्सेप्ट से आंगनबाड़ी भवन बनाने का नवाचार किया गया है ऐसे भवनों की छत दीवार और फर्श में सीखने सिखाने वाली पेंटिंग की जाती है जिन्हें बच्चे खेलते दौड़ते देखते और सीखते रहे जिले भर में 100 से ज्यादा भवन बनाये जा रहे है.इस आइडिया को शानदार माना गया और सरकार ने पूरे छत्तीसगढ़ में इसे लागू किया लेकिन कुछ भवन को लेकर आने वाली शिकायतों से यह पता चल रहा है कि इस बेहतर कॉन्सेप्ट में पलीता लगाने का भी काम किया जा रहा है जिस पर शासन प्रशासन को एक्शन  लेना चाहिए और ऐसी जगहों में पहुंचकर मौका मुआयना कर निर्माण कार्यों की मजबूती को परखना चाहिए ताकी आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चों को राहत की छांव के साथ उनकी सुरक्षा का घेरा भी मजबूत हो जिससे उनके माता पिता भी चिंता से दूर रहे हालांकि इस मामले को लेकर निगम आयुक्त को शिकायत आवेदन भी सौंपा गया है जिसके पश्चात मामले में कार्रवाई की उम्मीद भी जताई जा रही है

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