गोल्डी खान धमतरी/सरकारी स्कूल से बड़ी अनदेखी का मामला सामने आया है जिसकी वजह से नन्ही मासूम को घंटों स्कूल में कैद रहना पड़ गया वो तो गनीमत रही कि रात में उसके रोने की आवाज कुछ लोगो ने सुन ली अन्यथा किसी अनहोनी से इंकार भी नहीं किया जा सकता था हालांकि अब प्रशासन ने इस मामले को संज्ञान में लिया है और मामले को लेकर जांच समिति बनाई है ज्ञात हो कि यह मामला गुरुवार का है जब कुरूद ब्लाक की एक शासकीय स्कूल छुट्टी के बाद बंद कर दी गई थी मगर इस दौरान यह नहीं देखा गया कि स्कूल की कक्षाओं के अंदर कोई है तो नहीं सब अपने घर चले गए बाद में जब रात्रि में कुछ ग्रामीण स्कूल की ओर टहल रहे थे तो उन्हें किसी बच्चे के रोने की आवाज आई जिन्होंने आवाज का पीछा किया तो पता चला कि स्कूल की कक्षा के अंदर कोई बच्चा है फिर क्या था उसे बाहर निकालने व्यवस्था की गई और ताला तोड़कर उसे बाहर निकाला गया हालांकि इस दौरान उस बच्चे के परिजन भी उसे ढूंढ रहे थे इधर इस घटना के सामने आने के बाद सरकारी स्कूल की घोर लापरवाही फिर सामने आई है जिसे लेकर परिजनों के साथ ग्रामीण भी नाराज है जिनका यह कहना है कि यदि स्कूल से बच्ची के रोने की आवाज नहीं आती तो क्या होता बहरहाल शिक्षा विभाग ने इस मामले को संज्ञान में लिया है और मामले को लेकर जांच समिति बनाई है जो मामले की जांच कर रही है बताया गया कि वह स्कूल के पहली कक्षा की बच्ची है
गोल्डी खान धमतरी/सरकारी स्कूल से बड़ी अनदेखी का मामला सामने आया है जिसकी वजह से नन्ही मासूम को घंटों स्कूल में कैद रहना पड़ गया वो तो गनीमत रही कि रात में उसके रोने की आवाज कुछ लोगो ने सुन ली अन्यथा किसी अनहोनी से इंकार भी नहीं किया जा सकता था हालांकि अब प्रशासन ने इस मामले को संज्ञान में लिया है और मामले को लेकर जांच समिति बनाई है ज्ञात हो कि यह मामला गुरुवार का है जब कुरूद ब्लाक की एक शासकीय स्कूल छुट्टी के बाद बंद कर दी गई थी मगर इस दौरान यह नहीं देखा गया कि स्कूल की कक्षाओं के अंदर कोई है तो नहीं सब अपने घर चले गए बाद में जब रात्रि में कुछ ग्रामीण स्कूल की ओर टहल रहे थे तो उन्हें किसी बच्चे के रोने की आवाज आई जिन्होंने आवाज का पीछा किया तो पता चला कि स्कूल की कक्षा के अंदर कोई बच्चा है फिर क्या था उसे बाहर निकालने व्यवस्था की गई और ताला तोड़कर उसे बाहर निकाला गया हालांकि इस दौरान उस बच्चे के परिजन भी उसे ढूंढ रहे थे इधर इस घटना के सामने आने के बाद सरकारी स्कूल की घोर लापरवाही फिर सामने आई है जिसे लेकर परिजनों के साथ ग्रामीण भी नाराज है जिनका यह कहना है कि यदि स्कूल से बच्ची के रोने की आवाज नहीं आती तो क्या होता बहरहाल शिक्षा विभाग ने इस मामले को संज्ञान में लिया है और मामले को लेकर जांच समिति बनाई है जो मामले की जांच कर रही है बताया गया कि वह स्कूल के पहली कक्षा की बच्ची है
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