Top News

नक्सलियों ने खतरनाक हथियार और हिंसा का रास्ता छोड़ चुना शांति का रास्ता

नक्सलियों ने खतरनाक हथियार और हिंसा का रास्ता छोड़ 

चुना शांति का रास्ता 

गोल्डी खान / धमतरी जिला नक्सल प्रभावित जिला माना जाता था बल्कि यहां नक्सली हलचल के साथ छोटी बड़ी वारदाते भी अक्सर होती रहती थी कहा जाए तो नक्सली दहशत से जिले का वनांचल अक्सर ही दहशत में रहता था यही वजह है कि नक्सलियों से निपटने के लिए वनांचल इलाको में पुलिस थाने भी खोले गए थे जिसके बाद भी नक्सली दहशत से राहत नहीं थी जिसके परिणाम  मुठभेड़ के रूप में भी सामने आते थे माना जाए तो दशकों से जिले के वनांचल में नक्सली दहशत हावी थी बहरहाल लेकिन आज शुक्रवार का दिन वनांचल के लोगो के साथ पुलिस के लिए बड़ा ही खास था या कहा जाए कि इसे जिले का ऐतिहासिक दिन भी बोला जा सकता है

जिसमें नक्सली मुद्दे पर वनांचल के साथ पुलिस को बड़ी राहत के साथ बड़ी कामयाबी भी मिली है जब एक साथ करीब 9 नक्सलियों ने हथियार छोड़कर शांति का रास्ता चुना है बता दें कि सीतानदी एरिया कमेटी के करीब 9 सदस्यों ने आज शुक्रवार को रायपुर आईजी अमरेश मिश्रा के सामने... हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है जिसमे 7 महिला और 2 पुरुष नक्सली है जिन पर अलग अलग  8-8 और 5 लाख के अलावा 1 लाख का इनाम घोषित था आत्मसमर्पित इन नक्सलियों ने अपने खतरनाक हथियार भी पुलिस को सौंप दिए है इनके आत्मसर्पण के बाद अब धमतरी जिला नक्सल मुक्त माना जा रहा है

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का नाम


ज्योति रामदास,एलओएस कमांडर रोनी  उमा, सीतानदी एरिया कमेटी कमांडर निरंजन, एससीएम(टेक्निकल)

सिंधु, एसीएम रीना, एसीएम अमिला, एसीएम लक्ष्मी शामिल है

Post a Comment

Previous Post Next Post