इस थाली से उस थाली घूम रहा श्रेय
असली हकदार
जनता
देख रही तमाशा
गोल्डी खान/धमतरी शहर और जिले में विकास की गूंज चारों ओर सुनाई दे रही है जहां करोड़ों और अरबों के विकास कार्य होने की संभावना है मगर ये अलग बात है कि अब तक किसी को विकास दिखाई नहीं दिया है और ये भी अलग बात है कि इस विकास को देखने के लिए कुछ खास किस्म का चश्मा लगाना होगा जो फिलहाल आम जनता नागरिकों के पास फिलहाल तो नहीं है यही वजह है कि जब भी विकास की बात होती है तो आम जनता एक दूसरे का मुंह ताकती रहती है मगर इस मुद्दे पर यह बहुत अच्छी बात है कि धमतरी के नेताओं को दूर भविष्य का भी विकास आज और अभी ही नजर आने लगता है यही वजह है कि यह श्रेय लेने की दौड़ में आगे निकलने के अक्सर ही प्रयास में रहते है और यही वजह है कि नेतागण अपने अपने अंदाज में विकास की गाथा गाते है और अपने लोगो को बताते है कि यह हमारे कर कमलों से हो रहा है मतलब यहां किसी भी चीज का श्रेय भी किसी एक को नहीं जाता है यही वजह है कि यहां श्रेय भी इस थाली से उस थाली में घूम रहा है हालांकि इस बात को भी सभी आवाम समझती है कि नेता यदि ऐसा नहीं करेंगे तो नजर कैसे आयेंगे मगर इस मसले में यह बात भी छिपी है कि नेतागण जो ऐसा करते है मतलब श्रेय को अपनी तरफ खींचने का प्रयास करते है यह आम जनता के लिए फायदेमंद भी है जिसका मायने यह भी निकलता है कि कम से कम इस खींचतान के चक्कर में धमतरी की जनता को शायद कोई विकास मिल जाए
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